चंबल नदी में डूबे शिवपुरी के 17 श्रद्धालुओं में से 10 को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। बचाने वालों में 30 से 40 साल की उम्र के चार युवक शामिल हैं। नदी किनारे पशुधन चराने वाले जगडरपुरा निवासी 40 वर्षीय मोहरसिंह मीणा ने तीन महिलाओं को जिंदा बचा लिया। वे यहां भैंसें चरा रहे थे। नदी से शोर सुनकर उन्हें लगा कि कोई डूब रहा है। कपड़े खोलकर वे नदी में कूद पड़े। एक-एक कर वे तीन महिलाओं को निकाल लाए। इस दौरान देवकीनंदन उनकी पकड़ से निकल गया।
मे उसकी जान नहीं बचा सके। रोधई के पवन और राजाराम खेतों में गेहूं की फसल काट रहे थे। वे भी शोर सुनकर दौड़े और पांच श्रद्धालुओं को बचाया। भूरा कंडेरा ने दो जनों को जिंदा बाहर निकाला। एनडीआरएफ और करौली की सिविल डिफेंस टीम के आने से पहले इन चारों ने श्रद्धालुओं को तलाशने की काफी कोशिश की, लेकिन लापता लोग नहीं मिल पाए मोहरसिंह मीणा 2008 में भी नदी में डूबते तीन लोगों की जान बचा चुके हैं।

